1) भारत ने 2 अक्टूबर 2016 को पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते (Paris Climate Change Agreement) की अभिपुष्टि (ratification) करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र (UN) में औपचारिक रूप से अपना लिया। इस समझौते के तहत भारत जलवायु परिवर्तन की गति को कम करने की दिशा में क्या उपाय करेगा? – भारत वर्ष 2030 तक अपना 40% ऊर्जा उत्पादन गैर-जीवाश्म आधारित स्रोतों से करेगा
विस्तार: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली केन्द्रीय कैबिनेट ने 28 सितम्बर 2016 को पेरिस में हुए जलवायु परिवर्तन समझौते को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी। 2 अक्टूबर 2016 को संयुक्त राष्ट्र में हुए एक कार्यक्रम में भारत ने अपने सम्बन्धित स्वीकृति प्रपत्र (ratification instruments) संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों को सौंप कर समझौते को औपचारिक रूप से अपना लिया। इसमें भारत द्वारा भरोसा दिलाया गया है कि वह वर्ष 2030 तक अपना 40% ऊर्जा उत्पादन गैर-जीवाश्म आधारित स्रोतों (non-fossil sources) से करेगा।
– उल्लेखनीय है कि भारत वैश्विक हरित गैस उत्सर्जन (green house emissions) के लगभग 4.5% हिस्से के लिए जिम्मेदार है।
– यहाँ यह बताना जरूरी है कि पेरिस समझौता तभी लागू हो पायेगा जब वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में 55% योगदान देने वाले 55 देश इसे अपना लें। अभी तक इसे अपनाने वाले देशों की संख्या तो हालांकि 61 हो गई है लेकिन इसके द्वारा किया गया कुल उत्सर्जन 47.8% ही है।
– वैश्विक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए जलवायु परिवर्तन समझौता पेरिस में दिसम्बर 2015 में हुए सम्मेलन में दुनिया भर के 185 देशों द्वारा स्वीकार किया गया था। इसमें विकसित तथा विकासशील दोनों श्रेणी के देशों को लगातार बढ़ रहे वैश्विक तापमान की गति को कम करने में योगदान देने को कहा गया था। तापमान बढ़ने के कारण पृथ्वी के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है तथा वर्षा का प्रतिशत कम होता जा रहा है।
2) केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा 1 अक्टूबर 2016 को की गई घोषणा के अनुसार चार माह चली आय खुलासा योजना (IDS), जिसकी समयावधि 30 सितम्बर 2016 को समाप्त हो गई, देश भर में कुल कितने मूल्य की अघोषित आय की घोषणा की गई? – 65,250 करोड़ रुपए
विस्तार: उल्लेखनीय है कि अघोषित आय की घोषणा के लिए केन्द्र सरकार ने 1 जून 2016 को आय खुलासा योजना (Income Disclosure Scheme – IDS) को शुरू किया था जिसके तहत देशवासियों को अपनी अघोषित आय की स्वैच्छिक घोषणा करने का मौका दिया गया था। यह योजना 30 सितम्बर 2016 को समाप्त हो गई।
– केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) ने इस सम्बन्ध में 1 अक्टूबर 2016 को बताया कि केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes – CBDT) द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार देश भर से कुल 65,250 करोड़ रुपए की अघोषित आय (undeclared income) की घोषणा हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि यह राशि और बढ़ सकती है क्योंकि इसमें अंतिम समय में घोषित आय के कुछ विवरण शामिल होने हैं।
– यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने अघोषित आय की घोषणा के लिए एक बार देशवासियों को यह मौका दिया था तथा उनके द्वारा घोषित इस आय पर 45% की दर से आयकर तथा सम्बन्धित जुर्माना (penalty) लगाया जायेगा। इससे केन्द्र सरकार को लगभग 30,000 करोड़ रुपए हासिल होने की संभावना है।
3) 29 सितम्बर 2016 को की गई घोषणा के अनुसार कोटक महिन्द्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) किस लघु वित्त (microfinance) उपक्रम का अधिग्रहण 139 करोड़ रुपए में करने जा रहा है? – बीएसएस माइक्रोफाइनेंस (BSS Microfinance)
विस्तार: निजी क्षेत्र के कोटक महिन्द्रा बैंक द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी के अनुसार वह बीएसएस माइक्रोफाइनेंस (BSS Microfinance) नामक लघु वित्त उपक्रम का अधिग्रहण 139 करोड़ रुपए में करने जा रहा है। इस अधिग्रहण से कोटक महिन्द्रा बैंक की BSS में 99.49% हिस्सेदारी हो जायेगी।
– बीएसएस माइक्रोफाइनेंस गरीबों, ग्रामीण तथा उप-ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को मुख्यत: आय अर्जित करने वाली गतिविधियों के लिए लघु वित्त प्रदान करता है। इसके अलावा वह जीवन में सुधार के लिए भी ऋण प्रदान करता है।
– इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही की समाप्ति तक बीएसएस माइक्रोफाइनेंस ने कुल 483 करोड़ रुपए का ऋण प्रदान किया था जबकि उसके पास कुल 728 कर्मचारी थे। इसकी गतिविधियां वर्तमान में कर्नाटक व महाराष्ट्र में केन्द्रित हैं जबकि यह अब मध्य प्रदेश में अपनी गतिविधियां शुरू कर रहा है।
– यह अधिग्रहण दो साल से कम समयावधि में कोटक महिन्द्रा बैंक द्वारा किया गया दूसरा अधिग्रहण होगा। इससे पहले उसने नवम्बर 2014 में आईएनजी वैश्य बैंक (ING Vysya Bank) का अधिग्रहण किया था जो देश में निजी बैंकिंग क्षेत्र का सबसे बड़ा अधिग्रहण था।
4) केन्द्र सरकार ने ऑडिट फर्मों (Audit firms) ने सम्बन्धित मामलों की वृहद समीक्षा के लिए 30 सितम्बर 2016 को तीन-सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया। इस समिति की अध्यक्षता किसे सौंपी गई है? – अशोक चावला (Ashok Chawla)
विस्तार: देश की ऑडिट फर्मों से सम्बन्धित तमाम मामलों तथा विवादों की समीक्षा के लिए केन्द्र सरकार ने 30 सितम्बर 2016 को जिस तीन-सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है उसका अध्यक्ष द एनर्जी एण्ड रिसोर्सेज़ इण्स्टीट्यूट (TERI) के अध्यक्ष अशोक चावला (Ashok Chawla) को बनाया गया है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (Corporate Affairs Ministry) द्वारा गठित यह समिति अन्य मामलों के अलावा प्रतिबन्धात्मक शेयरधारक समझौतों के ऑडिट फर्मों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करेगी।
– अशोक चावला पूर्व वित्त सचिव (former finance secretary) के अलावा भारतीय प्रतिस्पर्धात्मक आयोग (CCI) के पूर्व अध्यक्ष भी हैं।
– इस समिति का गठन इसलिए किया गया है क्योंकि तमाम घरेलू ऑडिट फर्मों ने केन्द्र सरकार को बताया था कि नियमों को तोड़ने तथा कुछ कम्पनियों में तमाम अवैध कानूनों के प्रचलन के कारण उन्हें नुकसान हो रहा है।
– इस समिति के दो अन्य सदस्य हैं – एन.एस. विश्वनाथन (RBI के उप-गवर्नर) और हरि एस. भरतिया (जुबिलेंट लाइफ सांसेज़ के सह-अध्यक्ष तथा प्रबन्ध निदेशक।
5) भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) ने 1 अक्टूबर 2016 को अपनी स्थापना के कितने वर्ष पूरे कर लिए? – 50 वर्ष
विस्तार: भारतीय पर्यटन विकास निगम (Indian Development Corporation Limited – ITDC), जोकि भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय (Ministry of Tourism) के तहत कार्य करने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, की स्थापना 1 अक्टूबर 1966 को की गई थी। इस प्रकार इस उपक्रम ने 1 अक्टूबर 2016 को अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर की गोल्डन जुबली (Golden Jubilee) का आयोजन किया जा रहा है।
– यह उपक्रम (ITDC) देश भर में अपने होटलों, रिटेल गतिविधियों तथा कुछ प्रशिक्षण संस्थाओं का संचालन करता है। वर्तमान में “अशोक” (“Ashok”) ब्राण्ड से इसके 17 होटल संचालित हो रहे हैं।
6) केन्द्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड (Hindustan Copper Limited) में अपनी हिस्सेदारी के कितने प्रतिशत भाग का विनिवेश (disinvestment) सितम्बर 2016 के दौरान किया? – 7%
विस्तार: केन्द्र सरकार ने हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड (Hindustan Copper Limited) नामक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में अपने 7% हिस्से के विनिवेश के लिए 29 व 30 सितम्बर 2016 को कुल 6,47,65,260 शेयरों को बेचा। ऑफर फॉर सेल (OFS) माध्यम से किए गए इस विनिवेश में 20% शेयर खुदरा निवेशकों (retail investors) के लिए आरक्षित किए गए थे।
– NSE तथा BSE में की गई इस विनिवेश बिक्री में गैर-खुदरा वर्ग में निवेशकों (non-retail investors) ने अच्छी रुचि दिखाते हुए 1.56 गुना आवेदन किए लेकिन खुदरा वर्ग का निवेश अपेक्षा से कम रहा। इस विनिवेश के द्वारा केन्द्र सरकार को लगभग 400 करोड़ रुपए हासिल हुए।
– उल्लेखनीय है कि हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड भारत सरकार के केन्द्रीय खनन मंत्रालय के अधीन आने वाला उपक्रम है जो खनन तथा धातु व्यवसाय दोनों में लिप्त है। भारत सरकार की इसमें 89.95% हिस्सेदारी है।
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Author _ Anand Upadhyay
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